(N/A) किसी स्थिर वस्तु को गति में लाने या गतिमान वस्तु को रोकने के लिए बल की आवश्यकता होती है। वस्तु के भौतिक संपर्क में होना हमेशा आवश्यक नहीं है। अतः,बल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
$(i)$ संपर्क बल (Contact Force):
संपर्क बल में वस्तुओं के बीच भौतिक अंतःक्रिया होती है। किसी अन्य वस्तु के साथ संपर्क के कारण वस्तु की गति या विराम की अवस्था बदली जा सकती है।
संपर्क बल संपर्क में रहने वाली दोनों वस्तुओं पर कार्य करता है।
संपर्क बल धक्का या खिंचाव हो सकता है।
उदाहरण: मेज पर रखे ब्लॉक को धक्का दिया जा सकता है या खींचा जा सकता है। यहाँ,संपर्क बल ब्लॉक और मेज दोनों पर कार्य करता है।
$(ii)$ क्षेत्र बल (Field Force):
जब कोई वस्तु गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र,चुंबकीय क्षेत्र या विद्युत क्षेत्र में होती है,तो वह क्षेत्र के कारण बल का अनुभव करती है।
क्षेत्र बल में वस्तुओं के बीच कोई भौतिक अंतःक्रिया नहीं होती है।
चुंबकीय बल,विद्युत बल या गुरुत्वाकर्षण बल क्षेत्र बल के उदाहरण हैं।
उदाहरण $1$: किसी इमारत की छत से स्वतंत्र रूप से गिरती हुई वस्तु पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के कारण त्वरित गति करती है। यहाँ,पृथ्वी और गतिमान वस्तु के बीच कोई भौतिक संपर्क नहीं है,फिर भी इसमें त्वरित गति होती है।
उदाहरण $2$: जब कील को छड़ चुंबक के पास रखा जाता है,तो वह चुंबकीय क्षेत्र के कारण आकर्षित होती है।