(N/A) एथाइन $(C_2H_2)$ में,प्रत्येक कार्बन परमाणु $sp$ संकरण से गुजरता है।
$1$. कार्बन का $sp$ संकरण:
उत्तेजित अवस्था में,कार्बन परमाणु में एक $2s$ कक्षक और तीन अर्ध-भरे $2p$ कक्षक $(2p_x, 2p_y, 2p_z)$ होते हैं। $2s$ और $2p_z$ कक्षक $sp$ संकरण करके दो समान $sp$ संकर कक्षक बनाते हैं,जो $180^{\circ}$ के कोण पर रैखिक रूप से व्यवस्थित होते हैं। अन्य दो $2p$ कक्षक ($2p_x$ और $2p_y$) असंकरित रहते हैं और $sp$ संकर कक्षकों की धुरी के लंबवत होते हैं।
$2$. एथाइन में बंध संरचना:
- दो कार्बन परमाणु एक $C-C$ सिग्मा $(\sigma)$ बंध द्वारा जुड़े होते हैं,जो प्रत्येक कार्बन परमाणु के एक $sp$ संकर कक्षक के अक्षीय अतिव्यापन से बनता है।
- प्रत्येक कार्बन परमाणु पर शेष $sp$ संकर कक्षक हाइड्रोजन परमाणु के अर्ध-भरे $1s$ कक्षक के साथ अक्षीय अतिव्यापन करके $C-H$ $\sigma$ बंध बनाता है।
- प्रत्येक कार्बन परमाणु पर असंकरित $2p_x$ और $2p_y$ कक्षक दूसरे कार्बन परमाणु के संबंधित $2p_x$ और $2p_y$ कक्षकों के साथ पार्श्व (sideways) अतिव्यापन करके दो $\pi$ बंध बनाते हैं।
- इस प्रकार,एथाइन अणु की ज्यामिति रैखिक होती है जिसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच एक त्रि-बंध $(C \equiv C)$ होता है।