(A) किसी दिए गए पदार्थ को गर्म करने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा उसके द्रव्यमान $(m)$,तापमान में परिवर्तन $(\Delta T)$ और पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है।
जब कोई पदार्थ ऊष्मा का अवशोषण या उत्सर्जन करता है,तो उसके तापमान में होने वाले परिवर्तन को जिस भौतिक राशि द्वारा दर्शाया जाता है,उसे उस पदार्थ की ऊष्मा धारिता कहते हैं।
ऊष्मा धारिता $(S)$: पदार्थ को दी गई ऊष्मा $(\Delta Q)$ और उसके तापमान में होने वाले संगत परिवर्तन $(\Delta T)$ के अनुपात को ऊष्मा धारिता कहते हैं।
गणितीय रूप में:
$S = \frac{\Delta Q}{\Delta T}$
यहाँ $\Delta Q$ पदार्थ का तापमान $T$ से $T + \Delta T$ तक बदलने के लिए दी गई ऊष्मा की मात्रा है।
ऊष्मा धारिता का मान पदार्थ के प्रकार और उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है। समान पदार्थ के लेकिन अलग द्रव्यमान वाले पदार्थों की ऊष्मा धारिता भिन्न हो सकती है।
ऊष्मा धारिता का $SI$ मात्रक $J K^{-1}$ या $J/K$ है।