(N/A) युग्मकजनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा द्विगुणित या अगुणित पूर्वगामी कोशिकाएं कोशिका विभाजन और विभेदन के माध्यम से परिपक्व अगुणित युग्मकों का निर्माण करती हैं।
$1$. युग्मकों के प्रकार: युग्मक हमेशा अगुणित $(n)$ होते हैं। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
- समयुग्मकी (Isogametes): कुछ शैवालों (जैसे,$Cladophora$,$Ulothrix$) में,दोनों युग्मक आकारिकी और शारीरिक रूप से समान होते हैं,जिससे उन्हें नर या मादा के रूप में अलग करना असंभव होता है।
- विषमयुग्मकी (Heterogametes): अधिकांश लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले जीवों में,युग्मक आकारिकी रूप से भिन्न होते हैं। नर युग्मक छोटा और गतिशील होता है,जिसे पुमणु (antherozoid) या शुक्राणु कहा जाता है,जबकि मादा युग्मक बड़ा और अचल होता है,जिसे अंडाणु (egg or ovum) कहा जाता है।
$2$. जीवों में लैंगिकता: जनक शरीर अगुणित या द्विगुणित हो सकता है,लेकिन युग्मक हमेशा अगुणित होते हैं।
- अगुणित जनक शरीर: मोनेरा,कवक,शैवाल और ब्रायोफाइटा के जीवों का शरीर अगुणित होता है। वे समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मकों का उत्पादन करते हैं।
- द्विगुणित जनक शरीर: टेरिडोफाइटा,अनावृतबीजी,आवृतबीजी और अधिकांश जानवरों का शरीर द्विगुणित होता है। इन जीवों में,अर्धसूत्री कोशिकाएं (meiocytes) अर्धसूत्री विभाजन के माध्यम से अगुणित युग्मकों का उत्पादन करती हैं।
$3$. निष्कर्ष: अर्धसूत्री विभाजन के अंत में,प्रत्येक युग्मक में गुणसूत्रों का केवल एक सेट $(n)$ शामिल होता है,जो निषेचन के बाद अगली पीढ़ी में गुणसूत्रों की संख्या को बनाए रखना सुनिश्चित करता है।