(N/A) दो हाइड्रोजन परमाणुओं पर स्थित $1s$ परमाणु कक्षक अतिव्यापन करके दो आण्विक कक्षक बनाते हैं,जिन्हें $\sigma 1s$ और $\sigma^{*} 1s$ के रूप में निर्दिष्ट किया जाता है।
$\sigma 1s$ आबंधी आण्विक कक्षक $(BMO)$ है और $\sigma^{*} 1s$ प्रति-आबंधी आण्विक कक्षक $(ABMO)$ है।
ऊर्जा का क्रम इस प्रकार है: $\sigma 1s$ की ऊर्जा $ < $ $1s$ परमाणु कक्षक की ऊर्जा $ < $ $\sigma^{*} 1s$ की ऊर्जा।
दो आण्विक कक्षकों की ऊर्जा का योग दो $1s$ परमाणु कक्षकों की ऊर्जा के योग के बराबर होता है।
$H_{2}$ के निर्माण के लिए ऊर्जा स्तर आरेख नीचे दिया गया है।
$AO =$ परमाणु कक्षक,$MO =$ आण्विक कक्षक,$BMO =$ आबंधी आण्विक कक्षक,$ABMO =$ प्रति-आबंधी आण्विक कक्षक।
परमाणु कक्षकों के रैखिक संयोजन $(LCAO)$ द्वारा इन आण्विक कक्षकों का निर्माण इस प्रकार दर्शाया गया है:
$(i)$ $ABMO$ $(\sigma^{*} 1s)$: दो $1s$ कक्षकों के घटाव वाले अतिव्यापन से बनता है।
(ii) $BMO$ $(\sigma 1s)$: दो $1s$ कक्षकों के योगात्मक अतिव्यापन से बनता है।