(N/A) सूक्ष्मजीव पीड़क और रोगों के जैविक नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,जिससे जहरीले रसायनों पर निर्भरता कम होती है।
$1$. $Bacillus$ $thuringiensis$ $(Bt)$: इन बैक्टीरिया का उपयोग तितली की इल्लियों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इनके सूखे बीजाणुओं को पानी में मिलाकर ब्रासिका और फलों के पेड़ों जैसे संवेदनशील पौधों पर छिड़का जाता है। जब इल्लियां इन्हें खाती हैं,तो उनके पेट में विष मुक्त होता है,जिससे वे मर जाती हैं,जबकि अन्य कीट सुरक्षित रहते हैं।
$2$. आनुवंशिक इंजीनियरिंग: वैज्ञानिकों ने पौधों में $Bt$ टॉक्सिन जीन डाले हैं,जिससे $Bt$-कॉटन जैसी कीट-प्रतिरोधी फसलें तैयार हुई हैं।
$3$. $Trichoderma$: ये मुक्त-जीवी कवक हैं जो जड़ पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाते हैं। ये कई पादप रोगजनकों के खिलाफ प्रभावी जैविक नियंत्रण एजेंट हैं।
$4$. बैकुलोवायरस: ये ऐसे रोगजनक हैं जो कीटों और आर्थ्रोपोड्स पर हमला करते हैं,विशेष रूप से $Nucleopolyhedrovirus$ जीनस के वायरस। ये प्रजाति-विशिष्ट,संकीर्ण-स्पेक्ट्रम कीटनाशक अनुप्रयोगों के लिए उत्कृष्ट हैं और गैर-लक्षित जीवों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालते हैं,जिससे ये एकीकृत कीट प्रबंधन $(IPM)$ कार्यक्रमों के लिए आदर्श बन जाते हैं।