(N/A) एरोमैटिक एमाइन,जैसे कि एनिलिन,अमोनिया और एलिफैटिक एमाइन की तुलना में बहुत कम क्षारीय होते हैं। इसका कारण यह है कि नाइट्रोजन परमाणु पर मौजूद इलेक्ट्रॉनों का एकाकी युग्म (lone pair) बेंजीन वलय के साथ अनुनाद (resonance) में भाग लेता है।
एनिलिन में,नाइट्रोजन परमाणु पर मौजूद इलेक्ट्रॉनों का युग्म बेंजीन वलय पर विस्थानीकृत (delocalized) हो जाता है,जैसा कि अनुनाद संरचनाओं $(I)$ से $(V)$ द्वारा दिखाया गया है। यह विस्थानीकरण एकाकी युग्म को प्रोटॉन $(H^{+})$ को दान करने के लिए कम उपलब्ध बनाता है।
इसके अलावा,जब एनिलिन एक प्रोटॉन स्वीकार करके एनिलिनियम आयन बनाता है,तो नाइट्रोजन परमाणु पर मौजूद धनात्मक आवेश बेंजीन वलय पर विस्थानीकृत नहीं हो सकता है। एनिलिनियम आयन में केवल दो अनुनाद संरचनाएं $(I)$ और $(II)$ होती हैं,जो अनुनाद द्वारा स्थिर एनिलिन अणु की तुलना में कम स्थिर होती हैं।
इन कारकों के कारण,एरोमैटिक एमाइन अमोनिया और एलिफैटिक एमाइन की तुलना में दुर्बल क्षार होते हैं।