(A) $\Rightarrow$ प्लाज्मा झिल्ली का सबसे महत्वपूर्ण कार्य अणुओं का इसके आर-पार परिवहन करना है।
$\Rightarrow$ यह झिल्ली अपने दोनों ओर मौजूद कुछ अणुओं के लिए चयनात्मक पारगम्य (selectively permeable) होती है।
$\Rightarrow$ कई अणु बिना किसी ऊर्जा की आवश्यकता के झिल्ली के आर-पार गति कर सकते हैं और इसे निष्क्रिय परिवहन (passive transport) कहा जाता है।
$\Rightarrow$ उदासीन विलेय सांद्रता प्रवणता के साथ,यानी उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर सरल विसरण (simple diffusion) की प्रक्रिया द्वारा झिल्ली के आर-पार गति कर सकते हैं। जल भी इस झिल्ली के आर-पार उच्च से निम्न सांद्रता की ओर गति कर सकता है। विसरण द्वारा जल की गति को परासरण (osmosis) कहा जाता है।
$\Rightarrow$ चूंकि ध्रुवीय अणु अध्रुवीय लिपिड द्विपरत से होकर नहीं गुजर सकते,इसलिए उन्हें झिल्ली के आर-पार परिवहन के लिए झिल्ली के वाहक प्रोटीन (carrier protein) की आवश्यकता होती है।
$\Rightarrow$ कुछ आयन या अणु अपनी सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध,यानी निम्न से उच्च सांद्रता की ओर परिवहन किए जाते हैं। इस प्रकार के परिवहन को सक्रिय परिवहन (active transport) कहा जाता है,जो एक ऊर्जा-निर्भर प्रक्रिया है जिसमें $ATP$ का उपयोग होता है,उदाहरण के लिए,$Na^{+}/K^{+}$ पंप।