(N/A) कॉर्निया (स्वच्छ मंडल): एक पतली पारदर्शी झिल्ली जो प्रकाश को प्रवेश करने देती है और इसे क्रिस्टलीय लेंस पर केंद्रित करने के लिए अपवर्तित करती है।
$(b)$ क्रिस्टलीय लेंस: एक द्वि-उत्तल लेंस जो सिलियरी मांसपेशियों और सस्पेंसरी लिगामेंट्स की मदद से अपनी फोकस दूरी को बदलता है,जिससे प्रकाश की किरणें रेटिना पर केंद्रित हो पाती हैं।
$(c)$ आइरिस (परितारिका): आँख का रंगीन हिस्सा जो पुतली के आकार को नियंत्रित करता है और आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है।
$(d)$ रेटिना (दृष्टिपटल): इसमें प्रकाश-संवेदी कोशिकाएं होती हैं,जिन्हें रॉड और कोन कोशिकाएं कहा जाता है,जो हमें मंद और तेज रोशनी में देखने में सक्षम बनाती हैं।