(N/A) सिलियरी मांसपेशियाँ नेत्र लेंस की फोकस दूरी को बदलने में मदद करती हैं।
$(b)$ मोतियाबिंद (Cataract): आँख का क्रिस्टलीय लेंस उन प्रोटीनों से बना होता है जो एक नियमित पैटर्न में व्यवस्थित होते हैं,जो लेंस को पारदर्शी बनाते हैं। जब इन प्रोटीन अणुओं का एक समूह किसी क्षेत्र में जमा हो जाता है,तो वे उस क्षेत्र को अपारदर्शी बना देते हैं। धीरे-धीरे यह झिल्ली बढ़ती जाती है और पूरा लेंस अपारदर्शी हो जाता है।
$(c)$ प्रकीर्णित प्रकाश का रंग वायुमंडल में मौजूद प्रकीर्णन करने वाले कणों (हवा के अणु,धूल के कण और प्रदूषक) के आकार पर निर्भर करता है।
$(d)$ $25 \ cm$ से अनंत तक।
$(e)$ अंतरिक्ष में कोई वायुमंडल नहीं है,इसलिए सूर्य के प्रकाश को प्रकीर्णित करने के लिए हवा के अणु नहीं होते हैं,जिससे आकाश काला दिखाई देता है।