(A) हाँ,एम्नियोसेंटेसिस पर वैधानिक प्रतिबंध उचित है।
$1$. दुरुपयोग: इस तकनीक का अक्सर भ्रूण के लिंग का निर्धारण करने के लिए दुरुपयोग किया जाता है,जिससे कन्या भ्रूण हत्या होती है,जिसने देश के कई हिस्सों में लिंगानुपात को गंभीर रूप से बिगाड़ दिया है।
$2$. नैतिक चिंताएँ: यह प्रथा कन्या शिशु के प्रति नकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
$3$. मूल उद्देश्य: एम्नियोसेंटेसिस का प्राथमिक चिकित्सा उद्देश्य विकासशील भ्रूण में गुणसूत्र संबंधी असामान्यताओं,आनुवंशिक विकारों या चयापचय संबंधी कमियों का पता लगाना है।
$4$. नैदानिक निर्णय: यदि कोई गंभीर,असाध्य आनुवंशिक दोष पाया जाता है,तो माता-पिता गर्भावस्था के चिकित्सीय समापन $(MTP)$ का विकल्प चुन सकते हैं। यह प्रतिबंध सुनिश्चित करता है कि परीक्षण केवल सख्त निगरानी में वैध चिकित्सा कारणों से ही किया जाए,जिससे लिंग निर्धारण के लिए इसके उपयोग को रोका जा सके।