(D) हार्मोनल गर्भ निरोधक मुख्य रूप से महिला शरीर में हार्मोनल संतुलन को बदलकर गर्भावस्था को रोकते हैं।
कार्यप्रणाली:
$1$. हार्मोन मुक्त करने वाले $IUDs$ (जैसे $Progestasert$,$LNG-20$) गर्भाशय को भ्रूण के आरोपण के लिए अनुपयुक्त बनाते हैं और गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं के लिए प्रतिकूल बनाते हैं।
$2$. प्रोजेस्टोजेन या प्रोजेस्टोजेन-एस्ट्रोजन का संयोजन (गोलियों,इंजेक्शन या इम्प्लांट के रूप में) डिंबोत्सर्जन (ovulation) को रोकता है और गर्भाशय ग्रीवा के श्लेष्म को गाढ़ा करता है,जिससे शुक्राणुओं का प्रवेश रुक जाता है।
लाभ:
$1$. जन्म नियंत्रण के लिए अत्यधिक प्रभावी।
$2$. आपातकालीन गर्भनिरोधक: असुरक्षित यौन संबंध के $72$ घंटों के भीतर $IUDs$ या हार्मोनल गोलियों का उपयोग गर्भावस्था को रोक सकता है।
हानि:
$1$. दुष्प्रभाव: मतली,मूड में बदलाव या वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
$2$. ऊतकों को नुकसान: $IUDs$ को ठीक से न लगाने पर गर्भाशय में चोट या रक्तस्राव हो सकता है।
$3$. हार्मोनल असंतुलन: लंबे समय तक उपयोग से शरीर का प्राकृतिक अंतःस्रावी चक्र बाधित हो सकता है,जिससे अस्थायी बांझपन या मासिक धर्म में अनियमितता हो सकती है।
$4$. एलर्जी: कुछ व्यक्तियों को उपयोग की जाने वाली सामग्री या हार्मोन के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है।