कवक जगत (Kingdom Fungi) के विभिन्न वर्गों का वर्णन कीजिए।

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(N/A) कवकजाल (mycelium) की आकारिकी,बीजाणु निर्माण की विधि और फलनकाय (fruiting bodies) कवक जगत को विभिन्न वर्गों में विभाजित करने का आधार हैं।
$(A)$ फाइकोमायसिटीज (Phycomycetes):
- आवास: फाइकोमायसिटीज के सदस्य जलीय आवासों में,नम और सीलन वाली जगहों पर सड़ी-गली लकड़ी पर या पौधों पर अविकल्पी परजीवी के रूप में पाए जाते हैं।
- शारीरिक संगठन: कवकजाल पटहीन (aseptate) और संकोशिकी (coenocytic) होता है।
- कोशिका भित्ति: इसमें सेलुलोज,काइटिन या दोनों के सूक्ष्म तंतु होते हैं।
- प्रजनन: अलैंगिक प्रजनन चल बीजाणुओं (zoospores) या अचल बीजाणुओं (aplanospores) द्वारा होता है। ये बीजाणु बीजाणुधानी में अंतर्जात रूप से उत्पन्न होते हैं। दो युग्मकों के संलयन से एक युग्माणु (zygospore) बनता है। ये युग्मक आकारिकी में समान (समयुग्मकी) या असमान (विषमयुग्मकी या अंडयुग्मकी) हो सकते हैं।
- उदाहरण: म्यूकर,राइजोपस (ब्रेड मोल्ड) और एल्बुगो (सरसों पर परजीवी कवक)। इनके द्वारा होने वाले रोगों में व्हाइट रस्ट (एल्बुगो),आलू का पछेती झुलसा (फाइटोफ्थोरा इन्फेस्टन्स) आदि शामिल हैं।
$(B)$ एस्कोमायसिटीज (Ascomycetes):
- इन्हें सामान्यतः 'थैली कवक' (Sac-fungi) कहा जाता है। ये अधिकतर बहुकोशिकीय (जैसे पेनिसिलियम) या कभी-कभी एककोशिकीय (जैसे यीस्ट,सैकरोमाइसेस) होते हैं।
- पोषण की विधि: ये मृतोपजीवी,अपघटक,परजीवी या गोबर पर उगने वाले (coprophilous) होते हैं।
- शारीरिक संगठन: कवकजाल शाखित और पटयुक्त (septate) होता है।
- प्रजनन: अलैंगिक बीजाणु कोनिडिया होते हैं जो विशेष कवकजाल पर बाह्य रूप से उत्पन्न होते हैं। लैंगिक बीजाणु एस्कोस्पोर कहलाते हैं,जो थैलीनुमा एस्काई में अंतर्जात रूप से उत्पन्न होते हैं। ये एस्काई विभिन्न प्रकार के फलनकाय में व्यवस्थित होते हैं जिन्हें एस्कोकार्प कहते हैं।
- उदाहरण: एस्परजिलस,क्लेविसेप्स और न्यूरोस्पोरा।
$(C)$ बेसिडियोमायसिटीज (Basidiomycetes):
- इन्हें सामान्यतः 'क्लब कवक' कहा जाता है। ये मिट्टी में,लट्ठों और पेड़ों के ठूंठों पर और जीवित पौधों के शरीर में परजीवी के रूप में उगते हैं।
- शारीरिक संगठन: कवकजाल शाखित और पटयुक्त होता है।
- प्रजनन: अलैंगिक बीजाणु आमतौर पर नहीं पाए जाते हैं,लेकिन विखंडन द्वारा कायिक प्रजनन सामान्य है। लैंगिक अंग अनुपस्थित होते हैं,लेकिन प्लाज्मोगैमी दो अलग-अलग स्ट्रेन या जीनोटाइप के कायिक कोशिकाओं के संलयन से होती है। परिणामी संरचना द्विकेंद्रकी होती है जो अंततः बेसिडियम को जन्म देती है। बेसिडियम में कैरियोगैमी और अर्धसूत्रीविभाजन होता है,जिससे चार बेसिडियोस्पोर बाह्य रूप से उत्पन्न होते हैं।
- उदाहरण: एगेरिकस (मशरूम),यूस्टिलागो (स्मट) और पक्सिनिया (रस्ट कवक)।
$(D)$ ड्यूटेरोमायसिटीज (Deuteromycetes):
- इन्हें सामान्यतः 'अपूर्ण कवक' (Imperfect fungi) कहा जाता है क्योंकि इन कवकों की केवल अलैंगिक या कायिक अवस्थाएं ही ज्ञात हैं।
- शारीरिक संगठन: कवकजाल पटयुक्त और शाखित होता है।
- पोषण: कुछ मृतोपजीवी या परजीवी होते हैं,जबकि इनमें से बड़ी संख्या कूड़े-कचरे के अपघटक होते हैं और खनिज चक्रण में मदद करते हैं।
- उदाहरण: अल्टरनेरिया,कोलेटोट्रिचम और ट्राइकोडर्मा।

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नीचे दी गई संरचनाओं को पहचानें।

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