(N/A) बीजांड एक छोटी संरचना है जो बीजांडवृंत (funicle) नामक डंठल के माध्यम से अपरा (placenta) से जुड़ी होती है।
बीजांड का मुख्य भाग जिस क्षेत्र में बीजांडवृंत से जुड़ता है,उसे नाभिका (hilum) कहते हैं। इस प्रकार,नाभिका बीजांड और बीजांडवृंत के बीच के जंक्शन का प्रतिनिधित्व करती है।
प्रत्येक बीजांड में एक या दो सुरक्षात्मक आवरण होते हैं जिन्हें अध्यावरण (integuments) कहा जाता है।
अध्यावरण बीजांडकाय (nucellus) को घेरते हैं,सिवाय शीर्ष पर,जहाँ एक छोटा छिद्र होता है जिसे बीजांडद्वार (micropyle) कहा जाता है।
बीजांडद्वार के विपरीत छोर पर निभाग (chalaza) होता है,जो बीजांड के आधार भाग का प्रतिनिधित्व करता है।
अध्यावरणों के भीतर कोशिकाओं का एक समूह होता है जिसे बीजांडकाय (nucellus) कहते हैं। बीजांडकाय की कोशिकाओं में प्रचुर मात्रा में संचित भोजन सामग्री होती है।
बीजांडकाय में भ्रूणपोष (embryo sac) या मादा युग्मकोद्भिद स्थित होता है। एक बीजांड में आमतौर पर एक ही भ्रूणपोष होता है जो एक गुरुबीजाणु (megaspore) से बनता है।
गुरुबीजाणुजनन (Megasporogenesis): गुरुबीजाणु मातृ कोशिका से गुरुबीजाणुओं के निर्माण की प्रक्रिया को गुरुबीजाणुजनन कहा जाता है।