(N/A) वृषण में शुक्राणुओं का उत्पादन अत्यधिक कुंडलित संरचनाओं में होता है जिन्हें शुक्रजनक नलिकाएं (seminiferous tubules) कहा जाता है। ये नलिकाएं वृषण पालियों के भीतर स्थित होती हैं।
प्रत्येक शुक्रजनक नलिका के भीतर की ओर दो प्रकार की कोशिकाएं होती हैं: नर जनन कोशिकाएं (शुक्राणुजन) और सरटोली कोशिकाएं।
नर जनन कोशिकाएं (शुक्राणुजन) अर्धसूत्री विभाजन से गुजरती हैं जो अंततः शुक्राणु निर्माण की ओर ले जाती हैं,जबकि सरटोली कोशिकाएं जनन कोशिकाओं को पोषण प्रदान करती हैं।
शुक्रजनक नलिकाओं के बाहर के क्षेत्रों को अंतराली अवकाश कहा जाता है जिसमें छोटी रक्त वाहिकाएं और अंतराली कोशिकाएं या लेडिग कोशिकाएं होती हैं।
लेडिग कोशिकाएं एंड्रोजन (मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरोन) नामक वृषण हार्मोन का संश्लेषण और स्राव करती हैं।