(N/A) बीज अंकुरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक बीज एक नए पौधे में विकसित होता है। इसमें कई प्रमुख चरण शामिल हैं:
$1$. अंतःचूषण (Imbibition): बीज पानी को अवशोषित करता है,जिससे वह फूल जाता है और बीज आवरण $(testa)$ फट जाता है।
$2$. सक्रियण: चयापचय गतिविधियाँ फिर से शुरू हो जाती हैं और संग्रहीत खाद्य भंडार को तोड़ने के लिए एंजाइम सक्रिय हो जाते हैं।
$3$. मूलांकुर (Radicle) का निकलना: मूलांकुर सबसे पहले बाहर निकलता है,जो मिट्टी में नीचे की ओर बढ़ता है ताकि पौधे को स्थिर किया जा सके और पानी को अवशोषित किया जा सके।
$4$. प्रांकुर (Plumule) का निकलना: प्रांकुर प्रकाश की ओर ऊपर की दिशा में बढ़ता है। ऊपरी-भूमि अंकुरण (जैसा कि आरेख में दिखाया गया है) में,अधोबीजपत्र (hypocotyl) लंबा हो जाता है,जिससे बीजपत्र मिट्टी की सतह से ऊपर आ जाते हैं।
$5$. विकास: बीजपत्र तब तक प्रारंभिक पोषण प्रदान करते हैं जब तक कि पहली वास्तविक पत्तियां विकसित नहीं हो जातीं और पौधा प्रकाश संश्लेषण शुरू नहीं कर देता।
प्रस्तुत आरेख सेम के बीज के अंकुरण को दर्शाता है,जिसमें मूलांकुर का निकलना,अधोबीजपत्र का लंबा होना और प्रांकुर (epicotyl) तथा वास्तविक पत्तियों का विकास दिखाई देता है।