(N/A) अनुकूली विकिरण एक विकासवादी प्रक्रिया है जो एक ही वंश से तेजी से विविधतापूर्ण नई प्रजातियों का उत्पादन करती है। यह प्रक्रिया प्राकृतिक चयन के कारण होती है।
अनुकूली विकिरण का एक उदाहरण गैलापागोस द्वीप समूह पर पाई जाने वाली डार्विन की फिंच (Darwin's finches) हैं।
गैलापागोस द्वीप समूह पर फिंच की एक बड़ी विविधता मौजूद है जो एक ही प्रजाति से उत्पन्न हुई है,जो गलती से इस भूमि पर पहुँच गई थी।
परिणामस्वरूप,कई नई प्रजातियाँ विकसित हुई हैं,अलग हुई हैं और नए आवासों पर कब्जा करने के लिए अनुकूलित हुई हैं।
इन फिंचों ने अपनी भोजन संबंधी आदतों के अनुरूप अलग-अलग खाने की आदतें और विभिन्न प्रकार की चोंच विकसित की हैं।
कीटभक्षी,रक्त चूसने वाली और विभिन्न आहार आदतों वाली फिंच की अन्य प्रजातियाँ एक ही बीज खाने वाले फिंच पूर्वज से विकसित हुई हैं।