(N/A) $(i)$ उबालना: उबालने के दौरान,घुलनशील $Mg(HCO_{3})_{2}$ अघुलनशील $Mg(OH)_{2}$ में और $Ca(HCO_{3})_{2}$ अघुलनशील $CaCO_{3}$ में परिवर्तित हो जाता है। चूंकि $Mg(OH)_{2}$ का विलेयता गुणनफल $MgCO_{3}$ की तुलना में कम होता है,इसलिए $Mg(OH)_{2}$ अवक्षेपित हो जाता है। इन अवक्षेपों को छानकर अलग किया जा सकता है,जिससे मृदु जल प्राप्त होता है।
$Mg(HCO_{3})_{2} \xrightarrow{\Delta} Mg(OH)_{2} \downarrow + 2CO_{2} \uparrow$
$Ca(HCO_{3})_{2} \xrightarrow{\Delta} CaCO_{3} \downarrow + H_{2}O + CO_{2} \uparrow$
$(ii)$ क्लार्क विधि: इस विधि में कठोर जल में चूने $(Ca(OH)_{2})$ की एक निश्चित मात्रा मिलाई जाती है। यह कैल्शियम कार्बोनेट और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड को अवक्षेपित करता है,जिसे छानकर अलग किया जा सकता है।
$Ca(HCO_{3})_{2} + Ca(OH)_{2} \longrightarrow 2CaCO_{3} \downarrow + 2H_{2}O$
$Mg(HCO_{3})_{2} + 2Ca(OH)_{2} \longrightarrow 2CaCO_{3} \downarrow + Mg(OH)_{2} \downarrow + 2H_{2}O$