(N/A) $\rightarrow$ सूरजमुखी एक एकवर्षीय पौधा है जिसका तना सीधा होता है।
$\rightarrow$ सूरजमुखी के तरुण तने के अनुप्रस्थ काट $(TS)$ में निम्नलिखित संरचनाएं दिखाई देती हैं:
$(1)$ बाह्यत्वचा (Epidermis): यह सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत है,जो एक कोशिकीय मोटी और मृदूतकीय कोशिकाओं से बनी होती है। बाहरी दीवार पर उपत्वचा (cuticle) की एक पतली परत होती है। इसमें रोम (trichomes) और गैस विनिमय के लिए कुछ रंध्र हो सकते हैं।
$(2)$ वल्कुट (Cortex): इसमें तीन भाग शामिल हैं: अधस्त्वचा,मुख्य वल्कुट और अंतस्त्वचा।
$(i)$ अधस्त्वचा (Hypodermis): यह बाह्यत्वचा के ठीक नीचे स्थित होती है,जो $3-4$ परतों वाली स्थूलकोण ऊतक (collenchyma) कोशिकाओं से बनी होती है। सेल्युलोज और पेक्टिन के जमाव के कारण इनकी दीवारें मोटी होती हैं और इनमें अंतरकोशिकीय स्थान नहीं होता। यह यांत्रिक सहायता प्रदान करती है।
$(ii)$ मुख्य वल्कुट (Main Cortex): अधस्त्वचा के नीचे का भाग मृदूतकीय ऊतकों से बना होता है,जिसमें स्पष्ट अंतरकोशिकीय स्थान होते हैं। कोशिका भित्ति पतली और सेल्युलोज से बनी होती है। इस क्षेत्र में रेजिन नलिकाएं हो सकती हैं। ये कोशिकाएं पानी और भोजन का भंडारण करती हैं।
$(iii)$ अंतस्त्वचा (Endodermis): वल्कुट की सबसे भीतरी परत,जो एक-स्तरीय और बैरल के आकार की मृदूतकीय कोशिकाओं से बनी होती है। इन कोशिकाओं में स्टार्च के कण होते हैं,इसलिए इसे स्टार्च आच्छद (starch sheath) कहा जाता है।
$(3)$ रंभ (Stele): इसमें परिरंभ,संवहनी बंडल,मज्जा किरणें और मज्जा शामिल हैं।
$(i)$ परिरंभ (Pericycle): अंतस्त्वचा के अंदर स्थित भाग,जो दृढ़ोतक (sclerenchyma) और मृदूतकीय कोशिकाओं से बनी बहुस्तरीय परत है। संवहनी बंडल के ऊपर स्थित दृढ़ोतक के पैच को बंडल कैप (bundle cap) कहा जाता है।
$(ii)$ संवहनी बंडल (Vascular Bundles): सूरजमुखी के तने में $20-25$ संवहनी बंडल एक वलय में व्यवस्थित होते हैं। प्रत्येक बंडल संयुक्त,खुला (एधा युक्त) और अंतःआदिदारू (endarch) प्रकार का होता है।