$\rightarrow$ द्विपद नामकरण पद्धति $1751$ में कैरोलस लिनियस द्वारा विकसित की गई थी।
$\rightarrow$ द्विपद नामकरण जीवों को विशिष्ट और उपयुक्त नाम देने की प्रणाली है,जिसमें प्रत्येक नाम दो शब्दों से बना होता है: पहला वंश का नाम (Genus) और दूसरा जाति का नाम (Specific epithet)।
$\rightarrow$ उदाहरण के लिए,आम का वैज्ञानिक नाम $Mangifera \ indica$ लिखा जाता है।
$\rightarrow$ इस नाम में $Mangifera$ वंश को दर्शाता है और $indica$ जाति का नाम है।
$\rightarrow$ द्विपद नामकरण के लाभ:
$(1)$ द्विपद नाम सार्वभौमिक रूप से स्वीकार्य और मान्यता प्राप्त हैं।
$(2)$ ये सभी भाषाओं में समान रहते हैं।
$(3)$ ये नाम छोटे और सटीक होते हैं।
$(4)$ यह प्रत्येक नए खोजे गए जीव को वैज्ञानिक नाम देने के लिए एक तंत्र प्रदान करता है।
$(5)$ ये नाम एक ही वंश में मौजूद अन्य प्रजातियों के साथ संबंध को दर्शाते हैं।
$(6)$ किसी भी नए जीव को आसानी से एक अद्वितीय वैज्ञानिक नाम दिया जा सकता है।