(N/A) फैराडे के नियम के अनुसार,प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण है:
$|\varepsilon| = \frac{\Delta \Phi_{B}}{\Delta t} \quad \dots(1)$
हम जानते हैं कि ओम के नियम से प्रेरित धारा $I = \frac{|\varepsilon|}{r}$,जहाँ $r$ कुंडली का प्रतिरोध है। अतः,$|\varepsilon| = I r$ होगा।
चूंकि $I = \frac{\Delta Q}{\Delta t}$,हम लिख सकते हैं:
$|\varepsilon| = \frac{\Delta Q}{\Delta t} r \quad \dots(2)$
समीकरण $(1)$ और $(2)$ की तुलना करने पर:
$\frac{\Delta \Phi_{B}}{\Delta t} = \frac{\Delta Q}{\Delta t} r$
दोनों पक्षों से $\Delta t$ को हटाने पर:
$\Delta \Phi_{B} = \Delta Q \cdot r$
अतः,प्रेरित आवेश:
$\Delta Q = \frac{\Delta \Phi_{B}}{r}$
यह दर्शाता है कि प्रेरित आवेश केवल चुंबकीय फ्लक्स में कुल परिवर्तन और परिपथ के प्रतिरोध पर निर्भर करता है,और यह फ्लक्स परिवर्तन की दर पर निर्भर नहीं करता है।