(N/A) $(i)$ किसी सतह पर लंबवत दिशा में लगाए गए बल को थ्रस्ट (प्रणोद) कहते हैं। थ्रस्ट के कारण ही पात्र के छिद्र से द्रव बाहर निकलता है।
$\rightarrow$ थ्रस्ट एक बल है। इसका $SI$ मात्रक न्यूटन $(N)$ है। इसका विमीय सूत्र $[M^{1} L^{1} T^{-2}]$ है।
$(ii)$ दाब: किसी सतह के प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लंबवत दिशा में कार्य करने वाले बल को उस सतह पर दाब कहते हैं।
$\rightarrow$ यदि $A$ क्षेत्रफल वाली सतह पर $F$ बल लंबवत कार्य कर रहा है,तो दाब $P = \frac{F}{A}$ होगा।
$\rightarrow$ दाब का $SI$ मात्रक $\frac{N}{m^{2}}$ या पास्कल $(Pa)$ है।
$\rightarrow$ दाब का $CGS$ मात्रक $\frac{\text{dyne}}{cm^{2}}$ है।
$\rightarrow$ दाब का विमीय सूत्र $[M^{1} L^{-1} T^{-2}]$ है।