(N/A) परासरण जल के अणुओं का एक चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (जैसे प्लाज्मा झिल्ली) के माध्यम से उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर होने वाला स्वतः संचलन है। यह एक निष्क्रिय प्रक्रिया है,जिसका अर्थ है कि इसमें कोशिकीय ऊर्जा का व्यय नहीं होता है।
उदाहरण जहाँ परासरण सहायक होता है:
$(i)$ $Amoeba$ और $Paramecium$ जैसे मीठे पानी के जीव परासरण के माध्यम से अपने शरीर में जल संतुलन बनाए रखते हैं।
$(ii)$ पादप कोशिकाओं में जल का संचलन मुख्य रूप से परासरण के कारण होता है।
$(iii)$ मूल रोमों (root hairs) द्वारा मिट्टी से जल का अवशोषण परासरण द्वारा होता है।
$(iv)$ यह रक्षक कोशिकाओं के स्फीति दाब (turgor pressure) को नियंत्रित करके रंध्रों (stomata) के खुलने और बंद होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
$(v)$ यह 'छुई-मुई' ($Mimosa$ $pudica$) के पौधे में होने वाली कंपानुकुंचन गति (seismonastic movements) के लिए जिम्मेदार है।
$(vi)$ यह प्रक्रिया पौधों की कोशिकाओं,ऊतकों और कोमल अंगों जैसे पत्तियों,युवा प्ररोहों और फूलों को स्फीति (turgidity) और संरचनात्मक अखंडता बनाए रखने में मदद करती है।