कॉपर प्रथम पंक्ति की संक्रमण धातुओं में सबसे अधिक उत्कृष्ट है और कई देशों में छोटे निक्षेपों में पाया जाता है। कॉपर के अयस्कों में चैल्केन्थाइट $(CuSO_4 \cdot 5H_2O)$,एटकेमाइट $(Cu_2Cl(OH)_3)$,क्यूप्राइट $(Cu_2O)$,कॉपर ग्लान्स $(Cu_2S)$ और मैलाकाइट $(Cu_2(OH)_2CO_3)$ शामिल हैं। हालाँकि,विश्व का $80\%$ कॉपर उत्पादन चैल्कोपायराइट $(CuFeS_2)$ अयस्क से आता है। चैल्कोपायराइट से कॉपर का निष्कर्षण आंशिक भर्जन,आयरन को हटाना और स्व-अपचयन द्वारा किया जाता है। $1.$ चैल्कोपायराइट के आंशिक भर्जन से क्या उत्पन्न होता है? $(A)$ $Cu_2S$ और $FeO$ $(B)$ $Cu_2O$ और $FeO$ $(C)$ $CuS$ और $Fe_2O_3$ $(D)$ $Cu_2O$ और $Fe_2O_3$. $2.$ चैल्कोपायराइट से आयरन को किस रूप में हटाया जाता है? $(A)$ $FeO$ $(B)$ $FeS$ $(C)$ $Fe_2O_3$ $(D)$ $FeSiO_3$. $3.$ स्व-अपचयन में,अपचायक स्पीशीज कौन सी है? $(A)$ $S$ $(B)$ $O^{2-}$ $(C)$ $S^{2-}$ $(D)$ $SO_2$. प्रश्न $1, 2$ और $3$ के उत्तर दें।