(N/A) $\Rightarrow$ $1838$ में,मैथियास श्लीडेन और थियोडोर श्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रस्तुत किया।
$\Rightarrow$ मैथियास श्लीडेन एक जर्मन वनस्पति विज्ञानी थे। उन्होंने अवलोकन किया कि सभी पौधे विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो पौधे के ऊतकों का निर्माण करते हैं।
$\Rightarrow$ एक ब्रिटिश प्राणी विज्ञानी,थियोडोर श्वान ने विभिन्न प्रकार के जानवरों का अध्ययन किया और बताया कि कोशिकाओं में एक पतली बाहरी परत होती है,जिसे अब प्लाज्मा झिल्ली (plasma membrane) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने यह भी निष्कर्ष निकाला कि कोशिका भित्ति की उपस्थिति पादप कोशिकाओं की एक अनूठी विशेषता है।
$\Rightarrow$ इन वैज्ञानिकों ने मिलकर कोशिका सिद्धांत तैयार किया,जो इस प्रकार है:
$(a)$ सभी जीवित जीव कोशिकाओं और कोशिकाओं के उत्पादों से बने होते हैं।
$(b)$ कोशिका सभी जीवित जीवों की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है।
$\Rightarrow$ हालाँकि,यह सिद्धांत यह नहीं समझा सका कि नई कोशिकाएँ कैसे बनती हैं।
$\Rightarrow$ रूडोल्फ विर्चो ने ($1855$ में) सबसे पहले समझाया कि कोशिकाएँ विभाजित होती हैं और नई कोशिकाएँ पूर्व-मौजूद कोशिकाओं से बनती हैं (Omnis cellula-e cellula)।
$\Rightarrow$ उन्होंने श्लीडेन और श्वान की परिकल्पना में संशोधन करके कोशिका सिद्धांत को अंतिम रूप दिया:
$(i)$ सभी जीवित जीव कोशिकाओं और कोशिकाओं के उत्पादों से बने होते हैं।
$(ii)$ सभी कोशिकाएँ पूर्व-मौजूद कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।