कथन : जब पराबैंगनी (ultraviolet) प्रकाश एक फोटोसेल पर आपतित होता है,तो इसका निरोधी विभव (stopping potential) $V_0$ है और फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $K_{max}$ है। जब पराबैंगनी प्रकाश को $X-$ किरणों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है,तो $V_0$ और $K_{max}$ दोनों बढ़ जाते हैं।
कारण : आपतित प्रकाश में मौजूद आवृत्तियों की सीमा के कारण फोटोइलेक्ट्रॉन शून्य से अधिकतम मान तक की गति के साथ उत्सर्जित होते हैं।

  • A
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
  • B
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  • D
    यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

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सिल्वर और सोडियम के कार्य फलन (work function) क्रमशः $4.6 \ eV$ और $2.3 \ eV$ हैं। सिल्वर और सोडियम के लिए निरोधी विभव (stopping potential) बनाम आवृत्ति के ग्राफ की ढाल (slope) का अनुपात क्या है?

एक धातु की सतह को $400 \ nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है। उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा $1.68 \ eV$ पाई जाती है। तो धातु का कार्य फलन (work function) ......... $eV$ है। $(hc = 1240 \ eV \cdot nm)$

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धातु का कार्य फलन (work function) ......... है।

फोटोइलेक्ट्रिक सेल के लिए आपतित प्रकाश की आवृत्ति $(\nu)$ के साथ स्टॉपिंग पोटेंशियल $(V_0)$ के परिवर्तन को दर्शाने वाला ग्राफ कौन सा है?

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