(B) असत्य। मान लीजिए $\alpha, \beta$ और $\gamma$ त्रिघात बहुपद $p(x) = x^{3}+ax^{2}-bx+c$ के तीन शून्यक हैं।
शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध के अनुसार:
$1$. शून्यकों का गुणनफल: $\alpha \beta \gamma = -\frac{c}{1} = -c$। चूँकि $\alpha, \beta, \gamma > 0$,इसलिए उनका गुणनफल $\alpha \beta \gamma > 0$ होगा। अतः,$-c > 0$,जिसका अर्थ है $c < 0$।
$2$. शून्यकों का योग: $\alpha + \beta + \gamma = -\frac{a}{1} = -a$। चूँकि $\alpha, \beta, \gamma > 0$,इसलिए उनका योग $\alpha + \beta + \gamma > 0$ होगा। अतः,$-a > 0$,जिसका अर्थ है $a < 0$।
$3$. दो-दो शून्यकों के गुणनफल का योग: $\alpha \beta + \beta \gamma + \gamma \alpha = \frac{-b}{1} = -b$। चूँकि $\alpha, \beta, \gamma > 0$,इसलिए उनका योग $\alpha \beta + \beta \gamma + \gamma \alpha > 0$ होगा। अतः,$-b > 0$,जिसका अर्थ है $b < 0$।
अतः,तीनों शून्यकों के धनात्मक होने के लिए $a, b$ और $c$ तीनों का ऋणात्मक होना आवश्यक है। इसलिए,यह कथन कि उनमें से कम से कम एक ऋणेतर है,असत्य है।