(N/A) खराश प्रभाव या पेरोक्साइड प्रभाव कार्बनिक पेरोक्साइड की उपस्थिति में असममित एल्कीन के साथ $HBr$ के योग के दौरान देखा जाता है।
नियम: पेरोक्साइड की उपस्थिति में,असममित एल्कीन (जैसे प्रोपीन) में $HBr$ का योग मार्कोवनिकोव नियम के विपरीत होता है। यह प्रभाव केवल $HBr$ के लिए विशिष्ट है और $HCl$ या $HI$ के साथ नहीं देखा जाता है।
उदाहरण: $CH_3-CH=CH_2 + HBr \xrightarrow{(C_6H_5CO)_2O_2} CH_3-CH_2-CH_2Br$ ($1$-ब्रोमोप्रोपेन)।
क्रियाविधि:
चरण $(i)$ फेनिल मुक्त मूलक का निर्माण: $(C_6H_5CO)_2O_2$ $\rightarrow 2C_6H_5COO^{\bullet}$ $\rightarrow 2C_6H_5^{\bullet} + 2CO_2$।
चरण $(ii)$ ब्रोमीन मुक्त मूलक का निर्माण: $H-Br + C_6H_5^{\bullet} \rightarrow C_6H_6 + Br^{\bullet}$।
चरण $(iii)$ एल्कीन पर $Br^{\bullet}$ का योग: $CH_3-CH=CH_2 + Br^{\bullet} \rightarrow CH_3-dot{C}H-CH_2Br$ (द्वितीयक मुक्त मूलक,जो अधिक स्थिर है)।
चरण $(iv)$ उत्पाद का निर्माण: $CH_3-dot{C}H-CH_2Br + H-Br \rightarrow CH_3-CH_2-CH_2Br + Br^{\bullet}$।
मुक्त मूलकों की स्थिरता का क्रम: $3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ} > dot{C}H_3$ है।