एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन एकसमान वैद्युत क्षेत्र में रखने पर उनके त्वरण का अनुपात होगा
शून्य
एक
प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमानों के अनुपात में
इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के द्रव्यमानों के अनुपात में
एकसमान विद्युत क्षेत्र, $\overrightarrow{ E }=-400 \sqrt{3} \hat{ y } NC ^{-1}$ को एक क्षेत्र में आरोपित किया गया है। $q$ धनात्मक आवेश ग्रहण किये हुए $m$ द्रव्यमान के एक आवेशित कण को इस क्षेत्र में $2 \sqrt{10} \times 10^6 ms ^{-1}$ की प्रारम्भिक चाल से प्रक्षेपित किया जाता है। इस कण का उद्देश्य लक्ष्य $T$ से टकराने का है, जो कि क्षेत्र के अन्दर इसके प्रवेश बिन्दु से $5 m$ की दूरी पर है जैसा कि चित्र में सांकेतिक रूप से दर्शाया गया है। $\frac{ q }{ m }=10^{10} Ckg ^{-1}$ लीजिये। तब
$(A)$ कण $T$ से टकरायेगा, यदि इसे क्षैतिज से $45^{\circ}$ कोण पर प्रक्षेपित किया जाता है।
$(B)$ कण $T$ से टकरायेगा, यदि इसे क्षैतिज से या तो $30^{\circ}$ या $60^{\circ}$ कोण पर प्रक्षेपित किया जाता है।
$(C)$ $T$ से टकराने में कण द्वारा लिया गया समय $\sqrt{\frac{5}{6}} \mu s$ तथा $\sqrt{\frac{5}{2}} \mu s$ हो सकता है।
$(D)$ $T$ से टकराने में कण द्वारा लिया गया समय $\sqrt{\frac{5}{3}} \mu s$ है।
क्षैतिज से $30^{\circ}$ के कोण बनाने वाले किसी आनत तल को $200\, \frac{ N }{ C }$ के एकसमान क्षैतिज विधुत क्षेत्र में रखा गया है। आरेख में दर्शाए अनुसार, $1\, kg$ द्रव्यमान के किसी पिण्ड को, जिस पर $5\, mC$ आवेश है, विराम की र्थिति से $1\, m$ ऊँचाई से इस तल पर सरकाया गया है यदि घर्षण गुणांक $0.2$ हैं तो इस पिण्ड को तली तक पहुँचने में लगने वाला समय $.......$ सेकण्ड होगा। $[ g =$ $9.8 \,m / s ^{2}, \sin 30^{\circ}=\frac{1}{2} ; \cos 30^{\circ}=\frac{\sqrt{3}}{2}$ ]
अभ्यास में वर्णित कण की इलेक्ट्रॉन के रूप में कल्पना कीजिए जिसको $v_{x}=2.0 \times 10^{6}$ $m s ^{-1}$ के साथ प्रक्षेपित किया गया है। यदि $0.5 \,cm$ की दूरी पर रखी प्लेटों के बीच बिदुत क्षेत्र $E$ का मान $9.1 \times 10^{2}\, N / C$ हो तो ऊपरी प्लेट पर इलेक्ट्रॉन कहाँ टकराएगा? $\left(|e|=1.6 \times 10^{-19} C , m_{e}=9.1 \times 10^{-31} kg .\right)$
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश ‘$e$’ तथा द्रव्यमान ‘$m$’ है, समरूप विद्युत क्षेत्र $E$ में गति कर रहा है। इसका त्वरण होगा
मिलिकन के तेल बूँद प्रयोग में एक आवेशित बूँद सीमान्त वेग $v$ से गिरती है। यदि $E$ परिमाण का विद्युत क्षेत्र अग्र दिशा में आरोपित करने पर बूँद अग्र दिशा में $2v$ सीमान्त वेग से गति प्रारम्भ कर देती है, तो विद्युत क्षेत्र का मान घटाकर $\frac{E}{2}$ करने पर सीमान्त वेग का मान होगा