जब एक कुंडली में धारा $0.8 \,s$ में एक दिशा में $10 \,A$ से विपरीत दिशा में $10 \,A$ तक बदल जाती है,तो उसमें $0.5 \,V$ का औसत प्रेरित emf उत्पन्न होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) है: ($\,mH$ में)

  • A
    $50$
  • B
    $20$
  • C
    $25$
  • D
    $40$

Explore More

Similar Questions

एक वृत्ताकार चालक कुंडली में,जब धारा $0.05 \,s$ में $2 \,A$ से बढ़कर $18 \,A$ हो जाती है,तो प्रेरित $e.m.f.$ $20 \,V$ होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) .....$mH$ है।

$N$ फेरों वाली एक लंबी परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व $L$ और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है। जब परिनालिका से $i$ धारा प्रवाहित होती है,तो इसके अंदर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण $B$ होता है। धारा $i$ का मान है:

$Cu$ तार की एक कुंडली (त्रिज्या $r$,स्व-प्रेरकत्व $L$) को मोड़कर दो संकेंद्रित फेरे बनाए जाते हैं,जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या $r/2$ है। नया स्व-प्रेरकत्व क्या होगा?

दो अलग-अलग कुंडलियों का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) $8 \ mH$ और $2 \ mH$ है। दोनों कुंडलियों में धारा समान स्थिर दर से बढ़ाई जाती है। कुंडलियों में प्रेरित $emf$ का अनुपात क्या है?

$30 \ mH$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली में प्रेरित emf का परिमाण क्या होगा,जिसमें धारा $2 \ s$ में $6 \ A$ से बदलकर $2 \ A$ हो जाती है ($V$ में)?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo