(A) दी गई जानकारी के अनुसार,$'A'$ का ओजोनोलिसिस करने पर $44 \ u$ मोलर द्रव्यमान वाले एल्डिहाइड के दो मोल प्राप्त होते हैं। एल्डिहाइड के दो मोल का निर्माण यह दर्शाता है कि द्वि-बंध के दोनों ओर समान संरचनात्मक इकाइयाँ मौजूद हैं। एल्डिहाइड का मोलर द्रव्यमान $44 \ u$ है,जो इथेनल $(CH_3CHO)$ के अनुरूप है।
चूंकि इथेनल के दो मोल उत्पन्न होते हैं,इसलिए एल्कीन $CH_3-CH=CH-CH_3$ (ब्यूट-$2$-ईन) होना चाहिए।
ब्यूट-$2$-ईन $(C_4H_8)$ में बंधों का सत्यापन:
- $C-C$ $\sigma$ बंध: $3$ $(C_1-C_2, C_2-C_3, C_3-C_4)$
- $C-H$ $\sigma$ बंध: $8$
- $C-C$ $\pi$ बंध: $1$
ओजोनोलिसिस अभिक्रिया:
$CH_3-CH=CH-CH_3 + O_3 \to \text{ओजोनाइड} \xrightarrow{Zn/H_2O} 2CH_3CHO$
$'A'$ का $IUPAC$ नाम ब्यूट-$2$-ईन है।