(D) मान लीजिए $M$ डिस्क का द्रव्यमान है। डिस्क पर कार्य करने वाले बल केंद्र पर लगाया गया बल $F$ और संपर्क बिंदु पर घर्षण बल $f$ हैं,जो $F$ की विपरीत दिशा में कार्य करते हैं।
$1$. स्थानांतरीय गति का समीकरण: $F - f = Ma$ ... $(i)$
$2$. द्रव्यमान केंद्र के परितः घूर्णी गति का समीकरण: $\tau = I\alpha$। चूंकि घर्षण बल $f$ रिम पर कार्य करता है,इसलिए टॉर्क $\tau = fR$ है। केंद्र के परितः डिस्क का जड़त्व आघूर्ण $I = \frac{1}{2}MR^2$ है। अतः,$fR = (\frac{1}{2}MR^2)\alpha$।
$3$. शुद्ध लोटनिक गति (pure rolling) के लिए,शर्त $a = R\alpha$ है,जिसका अर्थ है $\alpha = \frac{a}{R}$।
टॉर्क समीकरण में $\alpha$ का मान रखने पर: $fR = (\frac{1}{2}MR^2)(\frac{a}{R}) = \frac{1}{2}MaR$,जो सरल होकर $f = \frac{1}{2}Ma$ या $Ma = 2f$ हो जाता है ... $(ii)$।
$4$. समीकरण $(ii)$ को $(i)$ में रखने पर: $F - f = 2f$,जिससे $F = 3f$ प्राप्त होता है।
$5$. बिना फिसले लुढ़कने के लिए,घर्षण बल को $f \le \mu N$ को संतुष्ट करना चाहिए,जहाँ $N = Mg$ अभिलंब बल है। इसलिए,$f \le \mu Mg$।
$6$. चूंकि $F = 3f$,इसलिए $F$ का अधिकतम मान $F_{max} = 3f_{max} = 3\mu Mg$ होगा।