(N/A) हाँ,दूसरे पोलेरॉइड $(II)$ से प्रकाश बाहर निकलेगा।
माना कि पहले पोलेरॉइड $(I)$ से निकलने वाले प्रकाश की तीव्रता $I_0$ है। चूँकि पोलेरॉइड $(I)$ और $(II)$ परस्पर लंबवत (crossed) हैं,उनकी अक्षों के बीच का कोण $90^{\circ}$ है।
जब तीसरे पोलेरॉइड $(III)$ को $(I)$ और $(II)$ के बीच $(I)$ की अक्ष के साथ $\theta$ कोण पर रखा जाता है,तो मालस के नियम के अनुसार $(III)$ से निकलने वाले प्रकाश की तीव्रता $I_1 = I_0 \cos^2 \theta$ होती है।
पोलेरॉइड $(III)$ और $(II)$ की अक्षों के बीच का कोण $(90^{\circ} - \theta)$ होगा।
अतः,$(II)$ से निकलने वाले प्रकाश की तीव्रता $I_2 = I_1 \cos^2(90^{\circ} - \theta) = I_0 \cos^2 \theta \sin^2 \theta = I_0 (\sin \theta \cos \theta)^2 = I_0 \left(\frac{\sin 2\theta}{2}\right)^2 = \frac{I_0}{4} \sin^2(2\theta)$ प्राप्त होती है।
चूँकि $0 < \theta < 90^{\circ}$ के लिए $\sin^2(2\theta) \neq 0$ होता है,इसलिए दूसरे पोलेरॉइड $(II)$ से प्रकाश बाहर निकलेगा।