(N/A) चूंकि तार को चार बराबर भागों में विभाजित किया गया है,इसलिए प्रत्येक भाग की नई लंबाई मूल लंबाई की एक-चौथाई $(1/4)$ हो जाती है। चूंकि प्रतिरोध लंबाई के सीधे आनुपातिक $(R \propto l)$ होता है,इसलिए प्रत्येक भाग का प्रतिरोध मूल प्रतिरोध का एक-चौथाई हो जाता है,अर्थात $R' = R/4$।
$(b)$ जब इन चार भागों को समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है,तो समतुल्य प्रतिरोध $R_p$ निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्राप्त होता है:
$\frac{1}{R_p} = \frac{1}{R'} + \frac{1}{R'} + \frac{1}{R'} + \frac{1}{R'}$
$R' = R/4$ रखने पर:
$\frac{1}{R_p} = \frac{4}{R} + \frac{4}{R} + \frac{4}{R} + \frac{4}{R} = \frac{16}{R}$
अतः,$R_p = R/16$।
इस प्रकार,संयुक्त प्रतिरोध मूल तार के प्रतिरोध का $1/16$ गुना होगा।