(N/A) श्रेणीक्रम संयोजन में,कुल प्रतिरोध व्यक्तिगत प्रतिरोधों का योग होता है:
$R_{S} = R + R + \dots + R \ (n \ \text{बार}) = nR$
पार्श्वक्रम संयोजन में,कुल प्रतिरोध का व्युत्क्रम व्यक्तिगत प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों का योग होता है:
$\frac{1}{R_{P}} = \frac{1}{R} + \frac{1}{R} + \dots + \frac{1}{R} \ (n \ \text{बार}) = \frac{n}{R}$
अतः,$R_{P} = \frac{R}{n}$
$(b)$ पार्श्वक्रम में जुड़े प्रतिरोधकों के लिए,परिणामी प्रतिरोध $R_{P}$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{R_{P}} = \frac{1}{R_{1}} + \frac{1}{R_{2}} + \frac{1}{R_{3}}$
$\frac{1}{R_{P}} = \frac{1}{3} + \frac{1}{4} + \frac{1}{12}$
$3, 4$ और $12$ का लघुत्तम समापवर्त्य $(LCM)$ $12$ है:
$\frac{1}{R_{P}} = \frac{4 + 3 + 1}{12} = \frac{8}{12} = \frac{2}{3}$
$R_{P} = \frac{3}{2} = 1.5 \ \Omega$