किसी क्षण पर तरंग के गर्त (trough) पर स्थित एक कण कितने समय ($T =$ आवर्तकाल) के बाद माध्य स्थिति में आएगा?

  • A
    $T/2$
  • B
    $T/4$
  • C
    $T$
  • D
    $2T$

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एक सरल आवर्त प्रगामी तरंग का समीकरण $y=a \sin 2 \pi(b t-c x)$ द्वारा दिया गया है। अधिकतम कण वेग,तरंग वेग का आधा होगा,यदि $c=$

एक डोरी में यात्रा कर रही तरंग का समीकरण $y = 3\cos \pi (100t - x)$ के रूप में लिखा जा सकता है। इसकी तरंगदैर्ध्य .... $cm$ है।

एक डोरी पर तरंग का अनुप्रस्थ विस्थापन $y(x, t)$ समीकरण $y(x, t) = e^{-(ax^2 + bt^2 + 2\sqrt{ab}xt)}$ द्वारा दिया गया है। यह क्या दर्शाता है?

$x$-अक्ष पर गति करते हुए तरंग का समीकरण $y(x, t) = 0.005 \cos(\alpha x - \beta t)$ द्वारा दिया गया है। यदि तरंग की तरंगदैर्ध्य और आवर्तकाल क्रमशः $0.08 \ m$ और $2.0 \ s$ हैं,तो उपयुक्त इकाइयों में $\alpha$ और $\beta$ के मान ज्ञात कीजिए।

एक अनुप्रस्थ तरंग को $y = 2 \sin(\omega t - kx) \ cm$ द्वारा दर्शाया गया है। तरंगदैर्ध्य का वह मान ($cm$ में) ज्ञात कीजिए जिसके लिए तरंग का वेग अधिकतम कण वेग के बराबर हो जाता है।

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