(N/A) दिया है: जीवा $PQ$, बिंदु $R$ पर स्पर्श रेखा $MN$ के समांतर है।
सिद्ध करना है: $R$, चाप $PRQ$ को समद्विभाजित करता है, अर्थात चाप $PR = \text{चाप } RQ$ है।
उपपत्ति:
माना $MN$, $R$ पर स्पर्श रेखा है। चूंकि $PQ \parallel MN$, इसलिए एकांतर अंतःकोण बराबर होंगे।
अतः, $\angle MRP = \angle RPQ$ (माना यह $\angle 1 = \angle 2$ है)।
एकांतर वृत्तखंड प्रमेय के अनुसार, स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण, जीवा द्वारा एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है।
अतः, $\angle MRP = \angle RQP$ (माना यह $\angle 1 = \angle 3$ है)।
उपरोक्त दो समीकरणों से, हमें $\angle 2 = \angle 3$ प्राप्त होता है, अर्थात $\angle RPQ = \angle RQP$ है।
$\triangle PQR$ में, चूंकि $\angle RPQ = \angle RQP$ है, इसलिए इन कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होंगी।
अतः, $PR = RQ$ है।
चूंकि जीवा $PR$ और $RQ$ बराबर हैं, इसलिए उनके द्वारा अंतरित चाप भी बराबर होंगे।
अतः, चाप $PR = \text{चाप } RQ$, जिसका अर्थ है कि $R$, चाप $PRQ$ को समद्विभाजित करता है।