$HCOO^{-}$ ऋणायन में दो कार्बन-ऑक्सीजन बंध समान लंबाई के पाए जाते हैं। इसका कारण क्या है?

  • A
    $HCOO^{-}$ ऋणायन में दो समान अनुनाद (resonance) संरचनाएँ होती हैं।
  • B
    अम्ल अणु से प्रोटॉन हटने के बाद ऋणायन प्राप्त होता है।
  • C
    कार्बन परमाणु के इलेक्ट्रॉनिक कक्षक संकरण में होते हैं।
  • D
    $C=O$ बंध $C-O$ बंध की तुलना में कमजोर होता है।

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$NO_2$ के दो अणुओं से डाइमर $N_2O_4$ के निर्माण के दौरान,प्रत्येक $NO_2$ अणु के नाइट्रोजन परमाणु पर मौजूद विषम इलेक्ट्रॉन युग्मित हो जाते हैं। परिणामी संरचना क्या है?

उपयुक्त उदाहरण के साथ समझाइए कि किसी अणु की अनुनाद संरचनाएं उसकी वास्तविक संरचना का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं और वे काल्पनिक होती हैं।

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अनुनाद (Resonance) का कारण क्या है?

$O_3$ के बारे में सही कथन है (हैं)
$A$. $O-O$ बंध लंबाई समान है।
$B$. $O_3$ का तापीय अपघटन ऊष्माशोषी है।
$C$. $O_3$ प्रकृति में प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) है।
$D$. $O_3$ की संरचना मुड़ी हुई (bent) है।

कथन : अनुनाद संकर (resonance hybrid) की ऊर्जा सभी विहित रूपों (canonical forms) की ऊर्जा के औसत के बराबर होती है।
कारण : अनुनाद संकर को एक एकल संरचना द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।

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