एक गोला बिना फिसले लुढ़क रहा है। इसके द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः घूर्णन त्रिज्या $K$ है। यदि गोले की त्रिज्या $R$ है,तो कुल ऊर्जा का कितना भाग घूर्णन गतिज ऊर्जा के रूप में होगा?

  • A
    $\frac{K^2 + R^2}{R^2}$
  • B
    $\frac{K^2}{R^2}$
  • C
    $\frac{K^2}{K^2 + R^2}$
  • D
    $\frac{R^2}{K^2 + R^2}$

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$v$ वेग (द्रव्यमान केंद्र का) और $\omega$ कोणीय वेग वाला एक ठोस गोला एक खुरदरी क्षैतिज सतह पर धीरे से रखा जाता है। गोले पर घर्षण बल:

$R$ त्रिज्या और $L$ लंबाई वाला एक ठोस बेलन एक खुरदरे क्षैतिज तल पर फिसल रहा है। $t = 0$ समय पर बेलन का अपने अक्ष के लंबवत स्थानांतरण वेग $v_0 = 49 \text{ m/s}$ है और केंद्र के परितः कोणीय वेग $v_0/4R$ है। बेलन को लुढ़कना शुरू करने में लगा समय . . . . . . सेकंड है। (गतिक घर्षण गुणांक $\mu_K = 0.25$ और $g = 9.8 \text{ m/s}^2$)

$10 \ kg$ द्रव्यमान एवं $0.5 \ m$ त्रिज्या की एक वस्तु बिना फिसले $2 \ m/s$ के वेग से लुढ़क रही है। इसकी कुल गतिज ऊर्जा $32.8 \ J$ है। वस्तु की घूर्णन त्रिज्या (radius of gyration) .......... $m$ है।

$2\,kg$ द्रव्यमान का एक ठोस गोला एक क्षैतिज सतह पर $2240\,J$ की गतिज ऊर्जा के साथ शुद्ध लोटनिक गति (pure rolling) कर रहा है। गोले के द्रव्यमान केंद्र का वेग $..........\,m/s$ होगा।

$r$ त्रिज्या की एक डिस्क अपने केंद्र के परितः $\omega_0$ कोणीय गति से घूम रही है। इसे एक खुरदरी क्षैतिज सतह पर धीरे से रखा जाता है। कितने समय बाद यह शुद्ध लोटनिक गति (pure rolling) में होगी?

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