(N/A) दिया गया है: $m_1 = 100\, g = 0.1\, kg$,$m_2 = 200\, g = 0.2\, kg$,$u_1 = 2\, m s^{-1}$,$u_2 = 1\, m s^{-1}$,$v_1 = 1.67\, m s^{-1}$.
संवेग संरक्षण के नियम का उपयोग करते हुए: $m_1 u_1 + m_2 u_2 = m_1 v_1 + m_2 v_2$.
मान रखने पर: $(0.1 \times 2) + (0.2 \times 1) = (0.1 \times 1.67) + (0.2 \times v_2)$.
$0.2 + 0.2 = 0.167 + 0.2 v_2$.
$0.4 = 0.167 + 0.2 v_2$.
$0.2 v_2 = 0.4 - 0.167 = 0.233$.
$v_2 = 0.233 / 0.2 = 1.165\, m s^{-1}$.
$(b)$ यह घटना न्यूटन के गति के तीसरे नियम और संवेग संरक्षण के नियम पर आधारित है। जब व्यक्ति आगे की ओर कूदता है,तो वह नाव पर पीछे की दिशा में बल लगाता है। चूंकि नाव पानी में तैर रही है और स्थिर नहीं है,इसलिए यह निकाय के कुल संवेग को संरक्षित करने के लिए पीछे की ओर गति करती है।