(D) संवेग संरक्षण का नियम यह बताता है कि यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो,तो उस निकाय का कुल रैखिक संवेग संरक्षित (नियत) रहता है।
$(b)$ दिया गया है:
पहले पिंड का द्रव्यमान,$m_{1} = 2 \, kg$
पहले पिंड का प्रारंभिक वेग,$u_{1} = 10 \, m s^{-1}$
दूसरे पिंड का द्रव्यमान,$m_{2} = 5 \, kg$
दूसरे पिंड का प्रारंभिक वेग,$u_{2} = 0 \, m s^{-1}$ (विराम अवस्था)
पहले पिंड का अंतिम वेग,$v_{1} = 1 \, m s^{-1}$
माना दूसरे पिंड का अंतिम वेग $v_{2}$ है।
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार:
$m_{1}u_{1} + m_{2}u_{2} = m_{1}v_{1} + m_{2}v_{2}$
मान रखने पर:
$(2 \times 10) + (5 \times 0) = (2 \times 1) + (5 \times v_{2})$
$20 + 0 = 2 + 5v_{2}$
$20 - 2 = 5v_{2}$
$18 = 5v_{2}$
$v_{2} = \frac{18}{5} = 3.6 \, m s^{-1}$
अतः,टक्कर के बाद दूसरे पिंड का वेग $3.6 \, m s^{-1}$ है।