(A) नाइट्रोजन चक्र के आरेख के आधार पर:
$A$ - अमोनीकरण (Ammonification)
$B$ - अमोनिया $(NH_3)$
$C$ - नाइट्राइट्स $(NO_2^-)$
$D$ - नाइट्रेट्स $(NO_3^-)$
$E$ - विनाइट्रीकरण (Denitrification)
$(b)$ यदि चरण $A$ (अमोनीकरण) नहीं होता है,तो मृत पौधों और जानवरों में मौजूद कार्बनिक नाइट्रोजन अमोनिया में परिवर्तित नहीं होगा। परिणामस्वरूप,नाइट्रोजन मिट्टी में वापस पुनर्चक्रित नहीं हो पाएगा,जिससे पौधों के लिए नाइट्रोजन युक्त यौगिकों की कमी हो जाएगी।
$(c)$ नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया (जैसे राइजोबियम) जीवमंडल में वायुमंडलीय नाइट्रोजन $(N_2)$ को अमोनिया जैसे नाइट्रोजन युक्त यौगिकों में बदलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,जिन्हें पौधे आसानी से अवशोषित कर सकते हैं और प्रोटीन संश्लेषण के लिए उपयोग कर सकते हैं।
$(d)$ जैविक रूप से महत्वपूर्ण दो यौगिक जिनमें ऑक्सीजन और नाइट्रोजन दोनों होते हैं,वे प्रोटीन (अमीनो एसिड) और न्यूक्लिक एसिड ($DNA$ और $RNA$) हैं।