(N/A) $(i)$ ओम के नियम के अनुसार,किसी प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा $I = V / R$ द्वारा दी जाती है। चूंकि प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हैं,इसलिए प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर समान रहता है,अर्थात $V = 6\, V$।
$30\, \Omega$ के प्रतिरोधक के लिए:
$I = 6\, V / 30\, \Omega = 0.2\, A$।
$(ii)$ $R_1 = 5\, \Omega$,$R_2 = 10\, \Omega$,और $R_3 = 30\, \Omega$ के समानांतर संयोजन के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_P$ इस प्रकार है:
$1 / R_P = 1 / R_1 + 1 / R_2 + 1 / R_3$
$1 / R_P = 1 / 5 + 1 / 10 + 1 / 30$
$1 / R_P = (6 + 3 + 1) / 30 = 10 / 30 = 1 / 3$
अतः,$R_P = 3\, \Omega$।
$(b)$ विद्युत उपकरणों को समानांतर क्रम में जोड़ने के दो लाभ:
$(i)$ यदि एक उपकरण खराब हो जाता है या बंद कर दिया जाता है,तो अन्य उपकरण काम करना जारी रखते हैं।
$(ii)$ प्रत्येक उपकरण को विद्युत आपूर्ति का पूर्ण वोल्टेज प्राप्त होता है।