(N/A) मान लीजिए कि $V$ वोल्ट के विभवांतर के तहत $R$ प्रतिरोध वाले चालक से $t$ समय के लिए $I$ विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
चालक से प्रवाहित आवेश $Q = I \times t$ है।
$V$ विभवांतर पर $Q$ कूलॉम आवेश को चालक के एक सिरे से दूसरे सिरे तक ले जाने में किया गया कार्य:
$W = V \times Q$
$Q = I \times t$ का मान रखने पर:
$W = V \times I \times t$
$(b)$ दिया गया है:
बल्ब $1$ के लिए: $P_1 = 40 \ W$,$V_1 = 240 \ V$
बल्ब $2$ के लिए: $P_2 = 25 \ W$,$V_2 = 240 \ V$
हम जानते हैं कि $P = \frac{V^2}{R}$,इसलिए $R = \frac{V^2}{P}$।
$R_1 = \frac{240^2}{40} = 1440 \ \Omega$
$R_2 = \frac{240^2}{25} = 2304 \ \Omega$
$R_1$ और $R_2$ की तुलना करने पर,$R_2 > R_1$।
अनुपात: $\frac{R_2}{R_1} = \frac{2304}{1440} = 1.6$
अतः,$25 \ W$ वाले बल्ब का प्रतिरोध अधिक है,और यह $40 \ W$ वाले बल्ब से $1.6$ गुना है।