(A) $(i)$ सामान्य नेत्र का निकट बिंदु $D = 25 \text{ cm}$ होता है। समंजन क्षमता $P$ का सूत्र $P = 1/f = 100/D$ है (जहाँ $D$ सेमी में है)।
$P = 100 / 25 = 4 \text{ D}$.
अतः,सामान्य दृष्टि वाले व्यक्ति के लिए,समंजन क्षमता लगभग $4 \text{ Dioptre}$ होती है।
$(ii)$ यह दोष दूरदृष्टि दोष (Hypermetropia) है,क्योंकि व्यक्ति को पास की वस्तुओं को पढ़ने में कठिनाई होती है। इस दोष को ठीक करने के लिए उसे उत्तल लेंस (convex lens) की आवश्यकता होगी।
$(iii)$ पुतली (pupil) आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है। तेज धूप में,पुतली का आकार छोटा होता है। जब हम अंधेरे कमरे में प्रवेश करते हैं,तो पुतली को फैलने में थोड़ा समय लगता है ताकि अधिक प्रकाश अंदर आ सके,यही कारण है कि हम तुरंत वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाते हैं।