(D) $(i)$ कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होता है।
$(ii)$ विपरीत दिशा में क्षणिक विक्षेप होता है क्योंकि चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दिशा उलट जाती है।
$(iii)$ कोई विक्षेप नहीं होता है क्योंकि जब चुंबक स्थिर होता है तो चुंबकीय फ्लक्स में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
$(b)$ इस घटना को विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) कहा जाता है। इसकी खोज माइकल फैराडे ने की थी। प्रेरित धारा की दिशा और चुंबक की गति की दिशा के बीच संबंध बताने वाला नियम फ्लेमिंग का दाहिने हाथ का नियम है। यह नियम बताता है कि यदि आप अपने दाहिने हाथ के अंगूठे,तर्जनी और मध्यमा उंगली को इस प्रकार फैलाएं कि वे एक-दूसरे के लंबवत हों,तो अंगूठा चालक (या चुंबक) की गति की दिशा,तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा उंगली प्रेरित धारा की दिशा को दर्शाती है।