(A) $1$. चूँकि $A$,$B, C$ और $D$ से होकर गुजरने वाले वृत्त का केंद्र है,इसलिए $AB = AC = AD = r$ (जहाँ $r$ वृत्त की त्रिज्या है)।
$2$. $\triangle ABD$ में,$AB = AD$ है,इसलिए $\angle ABD = \angle ADB = (180^{\circ} - \angle BAD)/2 = 90^{\circ} - \frac{1}{2} \angle BAD$.
$3$. $\triangle BCD$ में,कोणों का योग $180^{\circ}$ होता है। अतः,$\angle CBD + \angle CDB + \angle BCD = 180^{\circ}$.
$4$. वृत्त के प्रमेय के अनुसार,केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है। यहाँ,$\angle BCD = \frac{1}{2} (360^{\circ} - \angle BAD) = 180^{\circ} - \frac{1}{2} \angle BAD$.
$5$. इस मान को समीकरण में रखने पर: $\angle CBD + \angle CDB + (180^{\circ} - \frac{1}{2} \angle BAD) = 180^{\circ}$.
$6$. अतः,$\angle CBD + \angle CDB = \frac{1}{2} \angle BAD$.