(N/A) $ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel DC$ है।
चूँकि $AB \parallel DC$ है और $AD$ एक तिर्यक रेखा है,इसलिए तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ होता है।
अतः,$\angle A + \angle D = 180^{\circ}$।
$\angle A = 45^{\circ}$ का मान रखने पर:
$45^{\circ} + \angle D = 180^{\circ}$
$\angle D = 180^{\circ} - 45^{\circ} = 135^{\circ}$।
इसी प्रकार,चूँकि $AB \parallel DC$ है और $BC$ एक तिर्यक रेखा है,इसलिए तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ होता है।
अतः,$\angle B + \angle C = 180^{\circ}$।
$\angle B = 45^{\circ}$ का मान रखने पर:
$45^{\circ} + \angle C = 180^{\circ}$
$\angle C = 180^{\circ} - 45^{\circ} = 135^{\circ}$।
अतः,कोण $\angle C = 135^{\circ}$ और $\angle D = 135^{\circ}$ हैं।