(N/A) दिया है: $AB$ और $CD$ केंद्र $O$ और $O^{\prime}$ तथा समान त्रिज्या $r$ वाले दो वृत्तों की उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ हैं।
सिद्ध करना है: $AB = CD$.
रचना: $OA, OC, O^{\prime}B$ और $O^{\prime}D$ को मिलाइए।
उपपत्ति:
$1$. चूँकि $AB$,$A$ पर वृत्त की स्पर्श रेखा है,इसलिए त्रिज्या $OA$,$AB$ पर लंब है। अतः,$\angle OAB = 90^{\circ}$ है।
$2$. इसी प्रकार,चूँकि $CD$,$C$ पर वृत्त की स्पर्श रेखा है,इसलिए त्रिज्या $OC$,$CD$ पर लंब है। अतः,$\angle OCD = 90^{\circ}$ है।
$3$. चूँकि $AB$ और $CD$ समांतर स्पर्श रेखाएँ हैं (क्योंकि यदि त्रिज्याएँ समान हैं तो वे केंद्रों को जोड़ने वाली रेखा के लंबवत होती हैं),$AC$ एक व्यास या स्पर्श रेखाओं पर लंब रेखाखंड है।
$4$. चतुर्भुज $ABDC$ में,$\angle A = 90^{\circ}, \angle B = 90^{\circ}, \angle C = 90^{\circ}$ और $\angle D = 90^{\circ}$ है।
$5$. त्रिज्याएँ समान होने के कारण,समांतर स्पर्श रेखाओं $AB$ और $CD$ के बीच की दूरी स्थिर है,जिससे $AC = BD = 2r$ होता है।
$6$. वह चतुर्भुज जिसके सभी कोण $90^{\circ}$ हों और सम्मुख भुजाएँ बराबर हों,एक आयत होता है।
$7$. अतः,$ABDC$ एक आयत है।
$8$. इसलिए,आयत की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं,जिससे $AB = CD$ सिद्ध होता है।