(N/A) विरचन: प्रयोगशाला में सोडियम क्लोराइड को सांद्र $H_{2}SO_{4}$ के साथ गर्म करके $HCl$ बनाया जा सकता है।
$NaCl + H_{2}SO_{4} \xrightarrow{420 \ K} NaHSO_{4} + HCl$
$NaHSO_{4} + NaCl \xrightarrow{823 \ K} Na_{2}SO_{4} + HCl$
$HCl$ गैस को सांद्र $H_{2}SO_{4}$ से गुजारकर शुद्ध किया जा सकता है।
गुणधर्म:
भौतिक गुणधर्म: यह तीखी गंध वाली रंगहीन गैस है।
यह आसानी से रंगहीन द्रव (क्वथनांक $189 \ K$) में द्रवित हो जाती है और सफेद क्रिस्टलीय ठोस (हिमांक $159 \ K$) में जम जाती है।
यह जल में अत्यधिक विलेय है और निम्न प्रकार से आयनित होती है:
$HCl(g) + H_{2}O(l) \rightarrow H_{3}O^{+}(aq) + Cl^{-}(aq), \ K_{a} = 10^{7}$
वियोजन स्थिरांक $(K_{a})$ का उच्च मान यह दर्शाता है कि यह जल में एक प्रबल अम्ल है।
रासायनिक गुणधर्म: $HCl$,$NH_{3}$ के साथ अभिक्रिया करके $NH_{4}Cl$ का सफेद धुआं देता है।
$NH_{3} + HCl \rightarrow NH_{4}Cl$
जब तीन भाग सांद्र $HCl$ और एक भाग सांद्र $HNO_{3}$ को मिलाया जाता है,तो एक्वा रेजिया बनता है,जिसका उपयोग उत्कृष्ट धातुओं जैसे सोना और प्लैटिनम को घोलने के लिए किया जाता है।
$Au + 4H^{+} + NO_{3}^{-} + 4Cl^{-} \rightarrow AuCl_{4}^{-} + NO + 2H_{2}O$
$3Pt + 16H^{+} + 4NO_{3}^{-} + 18Cl^{-} \rightarrow 3PtCl_{6}^{2-} + 4NO + 8H_{2}O$
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल दुर्बल अम्लों के लवणों का अपघटन करता है,जैसे कार्बोनेट,हाइड्रोजन कार्बोनेट,सल्फाइट आदि।
$Na_{2}CO_{3} + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_{2}O + CO_{2}$
$NaHCO_{3} + HCl \rightarrow NaCl + H_{2}O + CO_{2}$
$Na_{2}SO_{3} + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_{2}O + SO_{2}$
उपयोग:
$(i)$ क्लोरीन,$NH_{4}Cl$ और ग्लूकोज (मक्का स्टार्च से) के उत्पादन में।
(ii) हड्डियों से गोंद निकालने के लिए और अस्थि चारकोल (bone black) के शुद्धिकरण के लिए।
(iii) औषधियों में और प्रयोगशाला अभिकर्मक के रूप में।